BNS अध्याय IX हिंदी में – धारा 169 से 177

भारतीय न्याय संहिता (BNS) के सभी अध्याय › अध्याय IX (धारा 169 से 177) · Read in English

धारा 169 – उम्मीदवार, चुनावी अधिकार परिभाषित

इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए— (ए) "उम्मीदवार" का अर्थ वह व्यक्ति है जिसे किसी भी चुनाव में उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया है; (बी) "चुनावी अधिकार" का अर्थ है किसी व्यक्ति का चुनाव में खड़े होने, न खड़ा होने, उम्मीदवार बनने से हटने या वोट देने या वोट देने से परहेज करने का अधिकार।

धारा 170 – रिश्वतखोरी

(1) जो कोई
(i) किसी व्यक्ति को इस उ‌द्देश्य से परितोषण देता है कि वह उस व्यक्ति को या किसी अन्य व्यक्ति को किसी निर्वाचन अधिकार का प्रयोग करने के लिए उत्प्रेरित करे या किसी व्यक्ति को इसलिए इनाम दे कि उसने ऐसे अधिकार का प्रयोग किया है; या
(ii) स्वयं अपने लिए या किसी अन्य व्यक्ति के लिए कोई परितोषण ऐसे किसी अधिकार को प्रयोग में लाने के लिए या किसी अन्य व्यक्ति को ऐसे किसी अधिकार को प्रयोग में लाने के लिए उत्प्रेरित करने या उत्प्रेरित करने का प्रयत्न करने के लिए इनाम के रूप में प्रतिगृहीत करता है. वह रिश्वत का अपराध करता है: परंतु लोक नीति की घोषणा या लोक कार्यवाही का वचन, इस धारा के अधीन अपराध नहीं होगा ।
(2) जो व्यक्ति परितोषण देने की प्रस्थापना करता है या देने को सहमत होता है या उपाप्त करने की प्रस्थापना या प्रयत्न करता है. यह समझा जाएगा कि वह परितोषण देता है। अनुभाग 1 क] 79 भारत का राजपत्र असाधारण रिश्वत ।
(3) जो व्यक्ति परितोषण अभिप्राप्त करता है या प्रतिगृहीत करने को सहमत होता है या अभिप्राप्त करने का प्रयत्न करता है, यह समझा जाएगा कि वह परितोषण प्रतिगृहीत करता है और जो व्यक्ति वह बात करने के लिए, जिसे करने का उसका आशय नहीं है, हेतु स्वरूप, या जो बात उसने नहीं की है उसे करने के लिए इनाम के रूप में परितोषण प्रतिगृहीत करता है, यह समझा जाएगा कि उसने परितोषण को इनाम के रूप में प्रतिगृहीत किया है।

धारा 171 – चुनाव में अनुचित प्रभाव

(1) जो कोई भी स्वेच्छा से किसी चुनावी अधिकार के स्वतंत्र प्रयोग में हस्तक्षेप करता है या हस्तक्षेप करने का प्रयास करता है, वह चुनाव में अनुचित प्रभाव डालने का अपराध करता है।
(2) उप-धारा (1) के प्रावधानों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, जो भी- (ए) किसी भी उम्मीदवार या मतदाता, या किसी भी व्यक्ति, जिसमें उम्मीदवार या मतदाता का हित है, को किसी भी प्रकार की चोट पहुंचाने की धमकी देता है; या (बी) किसी उम्मीदवार या मतदाता को यह विश्वास दिलाने के लिए प्रेरित करता है या प्रेरित करने का प्रयास करता है कि वह या कोई भी व्यक्ति जिसमें वह रुचि रखता है, दैवीय नाराजगी या आध्यात्मिक निंदा का पात्र बन जाएगा या बना दिया जाएगा, के स्वतंत्र अभ्यास में हस्तक्षेप माना जाएगा। ऐसे उम्मीदवार या मतदाता का चुनावी अधिकार, उपधारा (1) के अर्थ के अंतर्गत।
(3) चुनावी अधिकार में हस्तक्षेप करने के इरादे के बिना सार्वजनिक नीति की घोषणा या सार्वजनिक कार्रवाई का वादा या मात्र अभ्यास या कानूनी अधिकार, इस धारा के अर्थ में हस्तक्षेप नहीं माना जाएगा।

धारा 172 – चुनाव में प्रतिरूपण

जो कोई किसी चुनाव में किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर मतपत्र के लिए आवेदन करता है, चाहे वह जीवित हो या मृत, या फर्जी नाम पर, या जिसने ऐसे चुनाव में एक बार मतदान किया हो, उसी चुनाव में मतपत्र के लिए आवेदन करता है। उसका अपना नाम, और जो कोई भी किसी भी व्यक्ति को किसी भी तरह से मतदान के लिए उकसाता है, खरीदता है या प्राप्त करने का प्रयास करता है, वह चुनाव में प्रतिरूपण का अपराध करता है: बशर्ते कि इस धारा की कोई भी बात उस व्यक्ति पर लागू नहीं होगी जिसे किसी निर्वाचक के लिए प्रॉक्सी के रूप में मतदान करने के लिए उस समय लागू किसी भी कानून के तहत अधिकृत किया गया है, जहां तक कि वह ऐसे निर्वाचक के लिए प्रतिनिधि के रूप में मतदान करता है।

धारा 173 – रिश्वतखोरी के लिए सजा

जो कोई, रिश्वत का अपराध करता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा: परंतु सत्कार के रूप में रिश्वत को, केवल जुर्माने से ही दण्डित किया जाएगा । स्पष्टीकरण सत्कार" से रिश्वत का वह रूप अभिप्रेत है जो परितोषण, खाद्य, पेय, मनोरंजन या रसद के रूप में है।

धारा 174 – चुनाव में अनुचित प्रभाव या दिखावे के लिए सजा

जो कोई भी चुनाव में अनुचित प्रभाव या प्रतिरूपण का अपराध करेगा, उसे एक वर्ष तक के कारावास या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जाएगा।

धारा 175 – चुनाव के संबंध में गलत बयान

जो कोई किसी चुनाव के परिणाम को प्रभावित करने के इरादे से कोई ऐसा बयान देता है या प्रकाशित करता है जो तथ्य का बयान होने का दावा करता है जो गलत है और जिसके बारे में वह व्यक्तिगत रूप से जानता है या झूठ मानता है या सच नहीं मानता है। किसी भी उम्मीदवार के चरित्र या आचरण के आधार पर जुर्माना लगाया जाएगा।

धारा 176 – चुनाव के संबंध में अवैध भुगतान

जो कोई उम्मीदवार के लिखित सामान्य या विशेष अधिकार के बिना किसी सार्वजनिक बैठक के आयोजन, या किसी विज्ञापन, परिपत्र या प्रकाशन, या किसी अन्य तरीके से प्रचार या खरीद के उद्देश्य से खर्च करता है या अधिकृत करता है। ऐसे उम्मीदवार के चुनाव लड़ने पर जुर्माने से दंडित किया जाएगा जो दस हजार रुपये तक बढ़ सकता है: बशर्ते कि यदि कोई व्यक्ति बिना प्राधिकार के दस रुपये से अधिक का कोई ऐसा खर्च नहीं करता है, तो उस तारीख से दस दिनों के भीतर, जिस दिन ऐसे खर्च किए गए थे, उम्मीदवार से लिखित अनुमोदन प्राप्त कर लेता है, तो उसे ऐसा खर्च किया हुआ माना जाएगा। उम्मीदवार का अधिकार.

धारा 177 – चुनाव खाते रखने में विफलता

जो कोई तत्समय प्रवृत्त किसी कानून या कानून की शक्ति वाले किसी नियम द्वारा चुनाव में या उसके संबंध में किए गए खर्चों का लेखा-जोखा रखने की अपेक्षा करता है, तो ऐसे लेखा-जोखा रखने में विफल रहता है, उसे जुर्माने से दंडित किया जाएगा। जो पांच हजार रुपये तक बढ़ सकता है.