भारतीय न्याय संहिता (BNS) के सभी अध्याय › अध्याय XII (धारा 198 से 205) · Read in English
धारा 198 – लोक सेवक द्वारा किसी व्यक्ति को चोट पहुंचाने के इरादे से कानून की अवज्ञा करना
जो कोई, एक लोक सेवक होते हुए, जानबूझकर कानून के किसी भी निर्देश की अवज्ञा करता है, जिस तरह से उसे ऐसे लोक सेवक के रूप में आचरण करना है, ऐसा करने का इरादा रखता है, या यह संभावना जानता है कि वह ऐसी अवज्ञा से कारण बनेगा। किसी भी व्यक्ति को चोट पहुंचाने पर साधारण कारावास से दंडित किया जाएगा जिसे एक वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जाएगा। A, न्यायालय द्वारा Z के पक्ष में सुनाई गई डिक्री को संतुष्ट करने के लिए निष्पादन में संपत्ति लेने के लिए कानून द्वारा निर्देशित एक अधिकारी होने के नाते, जानबूझकर कानून के उस निर्देश की अवज्ञा करता है, यह जानते हुए कि वह संभवतः Z को चोट पहुंचा सकता है। A इस धारा में परिभाषित अपराध किया है.
धारा 199 – लोक सेवक कानून के तहत निर्देश की अवज्ञा कर रहा है
जो कोई भी, लोक सेवक होने के नाते,— (ए) जानबूझकर कानून के किसी भी निर्देश की अवज्ञा करता है जो उसे किसी अपराध या किसी अन्य मामले की जांच के उद्देश्य से किसी भी स्थान पर किसी भी व्यक्ति की उपस्थिति की आवश्यकता से रोकता है; या (बी) जानबूझकर, किसी भी व्यक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हुए, उस तरीके को विनियमित करने वाले कानून के किसी अन्य निर्देश की अवज्ञा करता है जिसमें वह ऐसी जांच करेगा; या (सी) धारा 64, धारा 65 धारा 66, धारा 67, धारा 68 के तहत दंडनीय संज्ञेय अपराध के संबंध में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 174 की उप-धारा (1) के तहत उसे दी गई किसी भी जानकारी को रिकॉर्ड करने में विफल रहता है। धारा 71, धारा 73, धारा 76, धारा 122 या धारा 141 या धारा 142 के तहत कठोर कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसकी अवधि छह महीने से कम नहीं होगी, लेकिन जिसे दो साल तक बढ़ाया जा सकता है, और जुर्माना भी देना होगा। .
धारा 200 – पीड़ित का इलाज न करने पर सजा
जो कोई भी अस्पताल, सार्वजनिक या निजी, चाहे वह केंद्र सरकार, राज्य सरकार, स्थानीय निकायों या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा चलाया जाता हो, का प्रभारी होने के नाते, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 449 के प्रावधानों का उल्लंघन करेगा। एक वर्ष तक की कैद या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है।
धारा 201 – लोक सेवक चोट पहुंचाने के इरादे से गलत दस्तावेज तैयार कर रहा है
जो कोई, एक लोक सेवक होने के नाते, और ऐसे लोक सेवक होने के नाते, किसी दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की तैयारी या अनुवाद का आरोप लगाता है, उस दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को उस तरीके से तैयार करता है, तैयार करता है या अनुवाद करता है जिसे वह जानता है या मानता है। गलत, कारित करने का इरादा रखते हुए या यह जानते हुए कि वह किसी व्यक्ति को चोट पहुंचा सकता है, उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास से दंडित किया जाएगा जिसे तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
धारा 202 – लोक सेवक अवैध रूप से व्यापार में संलग्न
जो कोई, एक लोक सेवक होने के नाते, और ऐसे लोक सेवक के रूप में व्यापार में संलग्न न होने के लिए कानूनी रूप से बाध्य होने के कारण, व्यापार में संलग्न होगा, उसे एक अवधि के लिए साधारण कारावास से दंडित किया जाएगा जिसे एक वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जाएगा। या सामुदायिक सेवा के साथ।
धारा 203 – लोक सेवक गैरकानूनी तरीके से संपत्ति खरीदना या बोली लगाना
जो कोई, एक लोक सेवक होने के नाते, और ऐसे लोक सेवक के रूप में कानूनी रूप से बाध्य है, कुछ संपत्ति खरीदने या उसके लिए बोली लगाने के लिए नहीं, उस संपत्ति के लिए खरीद या बोली लगाता है, या तो अपने नाम पर या दूसरे के नाम पर, या संयुक्त रूप से, या दूसरों के साथ शेयरों में, साधारण कारावास से दंडित किया जाएगा जिसे दो साल तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जाएगा; और संपत्ति, यदि खरीदी गई, जब्त कर ली जाएगी।
धारा 204 – एक लोक सेवक का रूप धारण करना
जो कोई लोक सेवक के रूप में किसी विशेष पद को धारण करने का दिखावा करता है, यह जानते हुए कि वह ऐसा पद धारण नहीं करता है या ऐसे पद धारण करने वाले किसी अन्य व्यक्ति का झूठा परिचय देता है, और ऐसे कल्पित चरित्र में ऐसे पद के तहत कोई कार्य करता है या करने का प्रयास करता है, किसी भी अवधि के लिए कारावास से दंडित किया जाएगा जो छह महीने से कम नहीं होगा लेकिन जिसे तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
धारा 205 – धोखाधड़ी के इरादे से लोक सेवक द्वारा उपयोग की जाने वाली पोशाक पहनना या टोकन रखना
जो कोई, लोक सेवकों के एक निश्चित वर्ग से संबंधित नहीं है, कोई पोशाक पहनता है या लोक सेवकों के उस वर्ग द्वारा उपयोग किए जाने वाले किसी भी परिधान या प्रतीक के समान कोई प्रतीक रखता है, इस इरादे से कि उस पर विश्वास किया जा सके, या यह जानते हुए कि यह है यह विश्वास किए जाने की संभावना है कि वह लोक सेवकों के उस वर्ग से संबंधित है, उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास की सजा दी जाएगी जिसे तीन महीने तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माना जो पांच हजार रुपये तक बढ़ाया जा सकता है, या दोनों से दंडित किया जाएगा।