BNS अध्याय XV हिंदी में – धारा 270 से 297

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धारा 270 – सार्वजनिक उपद्रव

एक व्यक्ति सार्वजनिक उपद्रव का दोषी है जो कोई कार्य करता है या अवैध चूक का दोषी है जो जनता को या आम तौर पर आसपास के क्षेत्र में रहने वाले या संपत्ति पर कब्जा करने वाले लोगों को कोई सामान्य चोट, खतरा या झुंझलाहट का कारण बनता है, या जो आवश्यक रूप से उन व्यक्तियों को चोट, बाधा, खतरा या परेशानी का कारण बनना चाहिए जिनके पास किसी सार्वजनिक अधिकार का उपयोग करने का अवसर हो सकता है लेकिन सामान्य उपद्रव को इस आधार पर माफ नहीं किया जाता है कि इससे कुछ सुविधा या लाभ होता है।

धारा 271 – लापरवाही से किए गए कार्य से जीवन के लिए खतरनाक बीमारी का संक्रमण फैलने की संभावना

जो कोई भी गैरकानूनी तरीके से या लापरवाही से कोई कार्य करता है, और जिसके बारे में वह जानता है या उसके पास विश्वास करने का कारण है, जिससे जीवन के लिए खतरनाक किसी बीमारी का संक्रमण फैलने की संभावना है, तो उसे एक अवधि के लिए कारावास की सजा दी जाएगी, जिसे बढ़ाया जा सकता है। छह महीने की सज़ा, या जुर्माना, या दोनों।

धारा 272 – घातक कृत्य से जीवन के लिए खतरनाक बीमारी का संक्रमण फैलने की संभावना

जो कोई भी दुर्भावनापूर्ण ढंग से कोई कार्य करता है, और जिसके बारे में वह जानता है या उसके पास ऐसा विश्वास करने का कारण है, जिससे जीवन के लिए खतरनाक किसी बीमारी का संक्रमण फैलने की संभावना है, तो उसे एक अवधि के लिए कारावास की सजा दी जाएगी जिसे दो तक बढ़ाया जा सकता है। साल, या जुर्माना, या दोनों।

धारा 273 – संगरोध नियम की अवज्ञा

जो कोई जानबूझकर परिवहन के किसी भी साधन को संगरोध की स्थिति में रखने के लिए, या संगरोध की स्थिति में ऐसे किसी भी परिवहन के संभोग को विनियमित करने के लिए या उन स्थानों के बीच संभोग को विनियमित करने के लिए जहां एक संक्रामक बीमारी व्याप्त है, सरकार द्वारा बनाए गए किसी भी नियम की अवज्ञा करता है। अन्य स्थानों पर, छह महीने तक की अवधि के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जाएगा।

धारा 274 – बिक्री के लिए इच्छित भोजन या पेय में मिलावट

जो कोई खाने या पीने की किसी वस्तु में मिलावट करता है, ताकि ऐसी वस्तु को खाने या पीने के रूप में हानिकारक बना सके, ऐसी वस्तु को खाने या पीने के रूप में बेचने का इरादा रखता है, या यह जानते हुए कि वह खाद्य या पेय के रूप में बेची जाएगी, छह महीने तक की कैद या पांच हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों से दंडित किया जाएगा।

धारा 275 – हानिकारक भोजन या पेय की बिक्री

जो कोई किसी ऐसी वस्तु को बेचता है, या पेश करता है या बिक्री के लिए रखता है, जो हानिकारक हो गई है या हानिकारक हो गई है, या खाने या पीने के लिए अयोग्य स्थिति में है, यह जानते हुए या विश्वास करने का कारण रखते हुए कि वह हानिकारक है भोजन या पेय के रूप में, छह महीने तक की कैद या पांच हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों से दंडित किया जाएगा।

धारा 276 – दवाओं में मिलावट

जो कोई किसी दवा या चिकित्सा तैयारी में इस तरह से मिलावट करता है कि ऐसी दवा या चिकित्सा तैयारी की प्रभावशीलता कम हो जाए या उसका प्रभाव बदल जाए, या इसे हानिकारक बना दे, इस इरादे से कि इसे बेचा जाएगा या उपयोग किया जाएगा, या यह जानते हुए कि यह किया जाएगा यह संभावना है कि इसे किसी औषधीय प्रयोजन के लिए बेचा जाएगा या उपयोग किया जाएगा, जैसे कि इसमें ऐसी कोई मिलावट नहीं की गई है, तो उसे एक अवधि के लिए कारावास की सजा दी जाएगी जिसे एक वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माना जो पांच हजार तक बढ़ाया जा सकता है। रुपये, या दोनों के साथ.

धारा 277 – मिलावटी दवाओं की बिक्री

जो कोई, यह जानते हुए कि किसी दवा या चिकित्सीय तैयारी में इस तरह से मिलावट की गई है कि उसकी प्रभावशीलता कम हो जाए, उसका संचालन बदल जाए, या उसे हानिकारक बना दिया जाए, उसे बेचता है, या बिक्री के लिए पेश करता है या उजागर करता है, या जारी करता है औषधीय प्रयोजनों के लिए किसी औषधालय से मिलावट न करने पर, या मिलावट के बारे में न जानने वाले किसी भी व्यक्ति द्वारा औषधीय प्रयोजनों के लिए इसका उपयोग करने पर, छह महीने तक की अवधि के लिए कारावास या जुर्माने से दंडित किया जाएगा। पांच हजार रुपये तक या दोनों के साथ बढ़ाया जा सकता है।

धारा 278 – एक अलग दवा या तैयारी के रूप में दवा की बिक्री

जो कोई जानबूझकर किसी दवा या चिकित्सा तैयारी को एक अलग दवा या चिकित्सा तैयारी के रूप में बेचता है, या पेश करता है या बिक्री के लिए रखता है, या औषधीय प्रयोजनों के लिए किसी औषधालय से जारी करता है, उसे एक अवधि के लिए कारावास की सजा दी जाएगी जिसे बढ़ाया जा सकता है। छह महीने तक की सजा, या जुर्माना जो पांच हजार रुपये तक बढ़ाया जा सकता है, या दोनों से दंडित किया जा सकता है।

धारा 279 – सार्वजनिक झरने या जलाशय के पानी को गंदा करना

जो कोई भी स्वेच्छा से किसी सार्वजनिक झरने या जलाशय के पानी को दूषित या गंदा करता है, ताकि इसे उस उद्देश्य के लिए कम उपयुक्त बना सके जिसके लिए इसका सामान्य रूप से उपयोग किया जाता है, उसे छह महीने तक की अवधि के लिए कारावास से दंडित किया जाएगा। , या जुर्माना जो पांच हजार रुपये तक बढ़ाया जा सकता है, या दोनों से।

धारा 280 – वातावरण को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बनाना

जो कोई स्वेच्छा से किसी भी स्थान पर माहौल को बिगाड़ता है, जिससे वह आम तौर पर रहने वाले या पड़ोस में व्यापार करने वाले या सार्वजनिक रास्ते से गुजरने वाले व्यक्तियों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो जाता है, तो उसे जुर्माने से दंडित किया जाएगा जो एक हजार रुपये तक हो सकता है। .

धारा 281 – सार्वजनिक रास्ते पर लापरवाही से गाड़ी चलाना या सवारी करना

जो कोई, किसी लोक मार्ग पर ऐसे उतावलेपन या उपेक्षा से कोई वाहन चलाता है या सवार होकर हांकता है जिससे मानव जीवन संकटापन्न हो जाए या किसी अन्य व्यक्ति को उपहति या क्षति कारित होना सम्भाव्य हो, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो एक हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।

धारा 282 – जहाज का लापरवाही से नेविगेशन

जो कोई भी किसी जहाज को इतने उतावलेपन या लापरवाही से चलाएगा कि मानव जीवन को खतरे में डाल देगा, या किसी अन्य व्यक्ति को चोट या चोट पहुंचाने की संभावना होगी, उसे छह महीने तक की अवधि के लिए कारावास की सजा दी जाएगी। , या जुर्माना जो दस हजार रुपये तक बढ़ाया जा सकता है, या दोनों से।

धारा 283 – झूठी रोशनी, निशान या बोया का प्रदर्शन

जो कोई कोई झूठी रोशनी, निशान या बोया प्रदर्शित करेगा, यह इरादा रखते हुए या यह जानते हुए कि ऐसा प्रदर्शन किसी नाविक को गुमराह करेगा, उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास की सजा दी जाएगी जिसे सात साल तक बढ़ाया जा सकता है, और जुर्माना भी लगाया जाएगा। दस हजार रुपये से कम न हो।

धारा 284 – असुरक्षित या अतिभारित जहाज में किराये के लिए पानी द्वारा व्यक्ति को ले जाना

जो कोई जानबूझकर या लापरवाही से किसी व्यक्ति को किसी जहाज में पानी के द्वारा ले जाता है, या किराए पर ले जाता है, जब वह जहाज ऐसी स्थिति में है या इतना भरा हुआ है कि उस व्यक्ति के जीवन को खतरे में डाल सकता है, तो उसे कारावास की सजा दी जाएगी। या तो एक अवधि के लिए विवरण जिसे छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माना जो पांच हजार रुपये तक बढ़ाया जा सकता है, या दोनों के साथ।

धारा 285 – सार्वजनिक रास्ते या नेविगेशन लाइन में खतरा या बाधा

जो कोई भी, कोई कार्य करके, या अपने कब्जे में या अपने आरोप के तहत किसी भी संपत्ति के साथ आदेश लेने में चूक करके, किसी भी सार्वजनिक रास्ते या नेविगेशन की सार्वजनिक लाइन में किसी भी व्यक्ति को खतरा, बाधा या चोट पहुंचाता है, उसे दंडित किया जाएगा। जुर्माना जो पांच हजार रुपये तक बढ़ाया जा सकता है।

धारा 286 – जहरीले पदार्थ के संबंध में लापरवाही भरा आचरण

जो कोई भी किसी जहरीले पदार्थ के साथ कोई भी कार्य इतनी जल्दबाजी या लापरवाही से करता है कि मानव जीवन को खतरे में डाल सकता है, या किसी व्यक्ति को चोट या चोट पहुंचाने की संभावना हो या जानबूझकर या लापरवाही से किसी भी जहरीले पदार्थ के साथ ऐसा आदेश लेने से चूक जाए। उसके कब्जे में ऐसे जहरीले पदार्थ से मानव जीवन को किसी भी संभावित खतरे से बचाने के लिए पर्याप्त है, तो उसे छह महीने तक की अवधि के लिए कारावास या पांच हजार रुपये तक के जुर्माने से दंडित किया जाएगा। दोनों के साथ।

धारा 287 – आग या ज्वलनशील पदार्थ के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण

जो कोई आग या किसी ज्वलनशील पदार्थ के साथ कोई कार्य इतनी तेजी से या लापरवाही से करता है कि मानव जीवन को खतरे में डाल सकता है, या किसी अन्य व्यक्ति को चोट या चोट पहुंचाने की संभावना हो या जानबूझकर या लापरवाही से किसी भी आग के साथ ऐसा आदेश लेने से चूक जाए या उसके कब्जे में कोई भी ज्वलनशील पदार्थ, जो ऐसी आग या ज्वलनशील पदार्थ से मानव जीवन को होने वाले किसी भी संभावित खतरे से बचाने के लिए पर्याप्त है, को छह महीने तक की अवधि के लिए कारावास या जुर्माने से दंडित किया जाएगा। दो हजार रुपये, या दोनों के साथ.

धारा 288 – विस्फोटक पदार्थ के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण

जो कोई किसी विस्फोटक पदार्थ के साथ इतनी तेजी से या लापरवाही से कोई कार्य करता है कि मानव जीवन को खतरे में डाल सकता है, या किसी अन्य व्यक्ति को चोट या चोट पहुंचाने की संभावना हो, या जानबूझकर या लापरवाही से किसी भी विस्फोटक पदार्थ के साथ ऐसा आदेश लेने से चूक जाता है। यदि उसका कब्ज़ा उस पदार्थ से मानव जीवन को होने वाले किसी भी संभावित खतरे से बचाने के लिए पर्याप्त है, तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास की सजा दी जाएगी जिसे छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माना जो पांच हजार रुपये तक बढ़ाया जा सकता है, या दोनों से दंडित किया जाएगा। .

धारा 289 – मशीनरी के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण

जो कोई भी, किसी भी मशीनरी के साथ, इतनी तेजी से या लापरवाही से कोई कार्य करता है कि मानव जीवन को खतरे में डाल सकता है या किसी अन्य व्यक्ति को चोट या चोट पहुंचाने की संभावना हो या जानबूझकर या लापरवाही से अपने कब्जे में या उसके अधीन किसी भी मशीनरी के साथ ऐसा आदेश लेने से चूक जाता है। ऐसी मशीनरी से मानव जीवन को होने वाले किसी भी संभावित खतरे से बचाने के लिए पर्याप्त देखभाल के लिए छह महीने तक की कैद की सजा या पांच हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों से दंडित किया जाएगा।

धारा 290 – इमारतों को गिराने, मरम्मत करने या निर्माण करने आदि के संबंध में लापरवाही भरा आचरण

जो कोई किसी इमारत को गिराने, मरम्मत करने या निर्माण करने में जानबूझकर या लापरवाही से उस इमारत के साथ ऐसे उपाय करने से चूक जाता है जो उस इमारत या उसके किसी हिस्से के गिरने से मानव जीवन को होने वाले किसी भी संभावित खतरे से बचाने के लिए पर्याप्त हो। छह महीने तक की कैद या पांच हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है।

धारा 291 – जानवर के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण

जो कोई जानबूझकर या लापरवाही से अपने कब्जे में किसी भी जानवर के साथ ऐसे उपाय करने से चूक जाता है जो मानव जीवन के लिए किसी भी संभावित खतरे, या ऐसे जानवर से गंभीर चोट के किसी भी संभावित खतरे से बचाने के लिए पर्याप्त है, उसे दोनों में से किसी भी तरह के कारावास से दंडित किया जाएगा। जिसकी अवधि छह महीने तक बढ़ सकती है, या जुर्माना जो पांच हजार रुपये तक बढ़ सकता है, या दोनों से दंडित किया जा सकता है।

धारा 292 – ऐसे मामलों में सार्वजनिक उपद्रव के लिए सजा जो अन्यथा प्रदान नहीं की गई है

जो कोई, किसी ऐसे मामले में लोक न्यूसेन्स करता है जो इस संहिता द्वारा अन्यथा दण्डनीय नहीं है, वह जुर्माने से, जो एक हजार रुपए तक का हो सकेगा, दण्डित किया जाएगा ।

धारा 293 – उपद्रव रोकने के आदेश के बाद भी उपद्रव जारी रखना

जो कोई सार्वजनिक उपद्रव को दोहराता है या जारी रखता है, उसे किसी ऐसे लोक सेवक द्वारा शामिल किया गया है जिसके पास ऐसे उपद्रव को न दोहराने या जारी रखने के लिए ऐसा निषेधाज्ञा जारी करने का कानूनी अधिकार है, तो उसे साधारण कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसकी अवधि छह महीने तक हो सकती है, या जुर्माने से, जो पांच हजार रुपये तक बढ़ाया जा सकता है, या दोनों से।

धारा 294 – अश्लील पुस्तकों आदि की बिक्री, आदि

(1) उप-धारा (2) के प्रयोजनों के लिए, एक किताब, पैम्फलेट, कागज, लेखन, ड्राइंग, पेंटिंग, प्रतिनिधित्व, आकृति या कोई अन्य वस्तु, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक रूप में किसी भी सामग्री का प्रदर्शन शामिल है, को माना जाएगा यदि यह कामुक है या धार्मिक हित को आकर्षित करता है या इसका प्रभाव है, या (जहां इसमें दो या दो से अधिक अलग-अलग आइटम शामिल हैं) तो इसके किसी भी आइटम का प्रभाव अश्लील है, यदि समग्र रूप से लिया जाए, जैसे कि भ्रष्ट करने की प्रवृत्ति होती है और भ्रष्ट व्यक्ति, जो सभी प्रासंगिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, इसमें निहित या सन्निहित मामले को पढ़ने, देखने या सुनने की संभावना रखते हैं।
(2) जो भी— (ए) किसी भी अश्लील पुस्तक, पैम्फलेट को बेचता है, किराए पर देता है, वितरित करता है, सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करता है या किसी भी तरीके से प्रचलन में लाता है, या बिक्री, किराए, वितरण, सार्वजनिक प्रदर्शनी या परिसंचरण के प्रयोजनों के लिए बनाता है, उत्पादन करता है या अपने कब्जे में रखता है। कागज, ड्राइंग, पेंटिंग, प्रतिनिधित्व या आकृति या कोई अन्य अश्लील वस्तु, चाहे वह किसी भी तरीके से हो; या (बी) उपरोक्त किसी भी उद्देश्य के लिए किसी अश्लील वस्तु का आयात, निर्यात या संप्रेषण करता है, या यह जानते हुए या विश्वास करने का कारण रखते हुए कि ऐसी वस्तु बेची जाएगी, किराए पर दी जाएगी, वितरित की जाएगी या सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाएगी या किसी भी तरीके से प्रचलन में लाई जाएगी; या (सी) किसी ऐसे व्यवसाय में भाग लेता है या उससे लाभ प्राप्त करता है जिसके दौरान वह जानता है या उसके पास विश्वास करने का कारण है कि उपरोक्त किसी भी उद्देश्य के लिए ऐसी किसी भी अश्लील वस्तु का उत्पादन, खरीद, रखा, आयात, निर्यात, संप्रेषण किया जाता है। , सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित या किसी भी तरीके से प्रचलन में लाया गया; या (डी) विज्ञापन देता है या किसी भी माध्यम से यह बताता है कि कोई व्यक्ति किसी ऐसे कार्य में लगा हुआ है या शामिल होने के लिए तैयार है जो इस धारा के तहत अपराध है, या ऐसी कोई अश्लील वस्तु किसी व्यक्ति से या उसके माध्यम से प्राप्त की जा सकती है; या (ई) कोई ऐसा कार्य करने की पेशकश करता है या प्रयास करता है जो इस धारा के तहत अपराध है, तो पहली बार दोषी पाए जाने पर दो साल तक की कैद और पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। और, दूसरी या बाद की सजा की स्थिति में, किसी एक अवधि के लिए कारावास, जिसे पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है, और जुर्माना भी, जो दस हजार रुपये तक बढ़ाया जा सकता है। अपवाद.—यह खंड— तक विस्तारित नहीं है (ए) कोई किताब, पैम्फलेट, कागज, लेखन, ड्राइंग, पेंटिंग, प्रतिनिधित्व या आकृति –
(i) जिसका प्रकाशन इस आधार पर जनता की भलाई के लिए उचित साबित हो कि ऐसी पुस्तक, पैम्फलेट, कागज, लेखन, ड्राइंग, पेंटिंग, प्रतिनिधित्व या चित्र विज्ञान, साहित्य, कला या सीखने के हित में है या सामान्य चिंता की अन्य वस्तुएँ; या (ii) जिसे धार्मिक उद्देश्यों के लिए वास्तविक रूप से रखा या उपयोग किया जाता है; (बी) कोई भी प्रतिनिधित्व मूर्तिकला, उत्कीर्ण, चित्रित या अन्यथा प्रस्तुत किया गया है—
(i) प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 के अर्थ के अंतर्गत कोई भी प्राचीन स्मारक; या
(ii) किसी भी मंदिर पर, या मूर्तियों के परिवहन के लिए इस्तेमाल की जाने वाली किसी कार पर, या किसी धार्मिक उद्देश्य के लिए रखी या इस्तेमाल की जाने वाली।

धारा 295 – बच्चे को अश्लील वस्तुओं की बिक्री, आदि

जो कोई, किसी शिशु को कोई ऐसी अश्लील वस्तु, जो धारा 294 में निर्दिष्ट है, बेचेगा, भाडे पर देता है, वितरण करता है, प्रदर्शित करता है या परिचालित करता है या ऐसा करने की प्रस्थापना या प्रयत्न करता है प्रथम दोषसि‌द्धि पर दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, और जुर्माने से, जो दो हजार रुपए तक का हो सकेगा, तथा द्वितीय या पश्चात्‌वर्ती दोषसि‌द्धि की दशा में दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी और जुर्माने से भी, जो पांच हजार रुपए तक का हो सकेगा, दण्डित किया जाएगा ।

धारा 296 – अश्लील हरकतें और गाने

जो कोई, (क) किसी लोक स्थान में कोई अश्लील कार्य करता है; या अश्लील कार्य और गाने । (ख) किसी लोक स्थान में या उसके समीप कोई अश्लील गाने, पवांडे या शब्द गाएगा, सुनाएगा या उच्चारित करेगा, जिससे दूसरों को क्षोभ होता है. वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से जो एक हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा।

धारा 297 – लॉटरी कार्यालय रखना

(1) जो कोई, ऐसी कोई लाटरी, जो न तो राज्य लाटरी हो और न तत्संबंधित राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत लाटरी हो, निकालने के प्रयोजन के लिए कोई कार्यालय या स्थान रखता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा: (2) जो कोई, ऐसी लाटरी में किसी टिकट, लाट, संख्यांक या आकृति को निकालने से संबंधित या लागू होने वाली किसी घटना या परिस्थिति पर किसी व्यक्ति के फायदे के लिए किसी राशि को देने की, या किसी माल के परिदान को, या किसी बात को करने की, या किसी बात से दूर रहने की कोई प्रस्थापना प्रकाशित करता है, वह जुर्माने से, जो पांच हजार रुपए तक का हो सकेगा, दण्डित किया जाएगा ।