Section 324 of BNS in Hindi

धारासजासंज्ञेय?जमानतविचारणीय न्यायालय
324(2)6 मास तक का कारावास, या जुर्माना, या दोनोंअसंज्ञेयजमानतीयकोई भी मजिस्ट्रेट
324(3)1 वर्ष तक का कारावास, या जुर्माना, या दोनोंअसंज्ञेयजमानतीयकोई भी मजिस्ट्रेट
324(4)2 वर्ष तक का कारावास, या जुर्माना, या दोनोंअसंज्ञेयजमानतीयकोई भी मजिस्ट्रेट
324(5)5 वर्ष तक का कारावास, या जुर्माना, या दोनोंसंज्ञेयजमानतीयप्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट
324(6)5 वर्ष तक का कारावास, और जुर्मानासंज्ञेयजमानतीयप्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट

स्रोत: BNSS 2023 की प्रथम अनुसूची (अपराधों का वर्गीकरण)

Section 324 of BNS in Hindi

324. (1) जो कोई, इस आशय से, या यह सम्भाव्य जानते हुए कि, वह लोक को या किसी व्यक्ति को सदोष हानि या नुकसान कारित करे, किसी सम्पत्ति का नाश या किसी सम्पत्ति में या उसकी स्थिति में ऐसी तब्दीली कारित करता है, जिससे उसका मूल्य या उपयोगिता नष्ट या कम हो जाती है, या उस पर क्षतिकारक प्रभाव पड़ता है, वह रिष्टि करता है। स्पष्टीकरण 1 रिष्टि के अपराध के लिए यह आवश्यक नहीं है कि अपराधी क्षतिग्रस्त या नष्ट सम्पत्ति के स्वामी को हानि या नुकसान कारित करने का आशय रखे। यह पर्याप्त है कि उसका यह आशय है या वह यह सम्भव्य जानता है कि वह किसी सम्पति को क्षति करके किसी व्यक्ति को, चाहे वह सम्पत्ति उस व्यक्ति की हो या नहीं, सदोष हानि या नुकसान कारित करे । स्पष्टीकरण 2 ऐसी सम्पति पर प्रभाव डालने वाले कार्य द्वारा, जो उस कार्य को करने वाले व्यक्ति की हो, या संयुक्त रूप से उस व्यक्ति की और अन्य व्यक्तियों की हो, रिष्टि की जा सकेगी । दृष्टांत